भारत नेपाल तनाव से बिगड़ रहा सामाजिक संबंध, खेती किसानी एवं सगे-संबंधियों से मिलने पर भी लगी पाबंदी

पटना :- भारत और नेपाल तनाव से बिगड़ रहा सामाजिक संबंध, खेती किसानी एवं सगे -संबंधियों से मिलने पर भी लगी पाबंदी अब ख़बर विस्तार से

भारत और नेपाल के बीच के संबंधों पर सियासी तनातनी का असर दिख रहा है। सीमा विवाद से उत्पन्न गतिरोध को लेकर कइ लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है। लॉकडाउन की वजह से विगत 2 महीने से सीमा पर आवाजाही बंद हैं । नेपाल आर्म्‍ड फोर्स व इधर भारतीय सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल के जवान सख्ती बरत रहे हैं।

India Nepal border fight

गलगलिया बॉर्डर से दिघलबैंक व टेढ़ागाछ तक छाया हुआ है सन्नाटा : भारत और नेपाल के सीमावर्ती जिले किशनगंज में लगभग 55 किलोमीटर लंबी नेपाल की खुली सीमा पर नौ ट्रांजिट प्वाइंट हैं, लेकिन इस पर भी आवाजाही पूण रूप से बंद पड़ी है । दोनों देशों में फंसे लोगों को अपने-अपने देश लौटने की इजाजत दी जा रही है। गलगलिया बॉर्डर से लेकर दिघलबैंक व टेढ़ागाछ तक सीमा पर चारों और सन्नाटा पसरा हुआ देखने को मिल रहा है ।

सीमा पार रहा होने वाली शादियों पर भी पड़ रहा इसका प्रभाव : सीमावर्ती विवाद को लेकर शादी विवाह तक प्रभावित होने के पूर्ण संभावना है , क्योंकि अक्सर सीमावर्ती इलाकों में शादी दोनों तरफ होती थी ।

लॉकडाउन के पूर्व की खेती में , अब नहीं काटने दे रहे फसल : कई भारतीय लोग भारतीय सीमा के उस पार जाकर बंटाई पर खेती करते हैं। जिन किसानों ने लॉकडाउन से पूर्व खेती की थी, उन्हें अब फसल काटने तक की इजाजत नहीं दी जा रही है। कुछ दिन पहले ही दिघलबैंक के किसानों ने रात के अंधेरे में मक्का की फसल काटने की कोशिश की , तो उनका नेपाल आर्म्‍ड फोर्स के जवानों के साथ झड़प हो गई।

नेपाल से आवाजाही बंद पड़ी होने से बाजार भी प्रभावित हैं :- नेपाल के कांकड़भिट्ठा, बनियानी, वीरतामोड़, कचना, शनिचरी, झापा, मोरंग व सप्तरी जिले के चंद्रगुड़ी, भद्रपुर, लोधाबाड़ी, गौरीगंज समेत अन्य इलाके के बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने के लिए भारत आते थे। आवाजाही बंद होने से बाजार पर भी असर देखने को मिल रहा है।