लॉकडाउन के बाद राजधानी, शताब्दी, गतिमान और तेजस जैसी प्रीमियम ट्रेनों के संचालन पर विचार

न्यू दिल्ली : इंडियन रेलवे ने लॉकडाउन के समाप्त होने के बाद की अपनी रणनीति शुरू कर दिया है। रेलवे की तरफ से ये कोशिश हो रही है , कि यदि लॉकडाउन के बाद ट्रेनें चलाई जाती हैं , तो क्या व्यवस्था रखी जाए । यात्रियों को असुविधा भी न हो और कोरोना वायरस से उनका बचाव भी हो सके।

लॉकडाउन के बाद राजधानी

फिलहाल तो लॉकडाउन के बाद जब कभी भी ट्रेनों का परिचालन शुरू होगा , तो गतिमान एक्सप्रेस , शताब्दी एक्सप्रेस और तेजस एक्सप्रेस के साथ राजधानी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में भी सफर के दौरान यात्रियों को खाना अपने साथ लाना पड़ सकता है। सामान्य गाड़ियों में तो लाना ही होगा।

पहले चरण में केवल वंदेभारत, शताब्दी और जनशताब्दी जैसी ट्रेनें चलाई जाएगी। तथा लोगों का आवागमन सुरक्षित बनाने के लिए ट्रेन में आधी सीटों की ही बुकिंग का प्लान बनाया जा रहा है , मगर कुछ भी पुख्ता नहीं हुआ है। रेल मंत्री पीयूष गोयल भी ट्रेनों के आवागमन आदि की मॉनिटरिंग खुद कर रहे हैं। रेल मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार 300 श्रमिक ट्रेनें रोज चला रहे हैं। अगले 3 से 4 दिनों में श्रमिकों को उनके घर तक पहुंचा दिया जायेगा।


रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल ने सभी राज्यों से अपील की है , कि वे अपनी तरफ से स्वीकृ दें। ताािक समय से प्रवासी मजदूरों की लिस्ट दें। तो अगले 3-4 दिनों में प्रवासी मजदूरों की समस्या का निराकरण हो जायेगा। प्रवासी मजदूरों को उनके घर तक पहुंचा दिया जायेगा। इधर रेलवे ने पूरे देश में जारी लॉकडाउन के बीच लोगों से पटरियों पर न चलने की अपील की है।

पूर्वी तटीय रेलवे ने लोगों से पटरियों पर चलने के लिए मना किया है, क्योंकि लॉकडाउन के दौरान भी कई विशेष ट्रेनें चल रही साथ ही साथ मालवाहक ट्रेन भी चल रही हैं। रेलवे अधिकारी ने बताया कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए यात्री ट्रेनें फिलहाल पूर्ण रूप से बंद हैं , लेकिन देशभर में आवश्यक सामान की आपूर्ति बनाए रखने के लिए सभी रेलवे ट्रैक पर मालगाड़ियां और पार्सल एक्सप्रेस गाड़ी लगातार चल रही हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में श्रमिक विशेष ट्रेनें भी शुरू की गई हैं , जो प्रवासी मजदूर को अपने घर तक पहुंचा रही है। और पूर्वी तटीय रेलवे के क्षेत्र में ऐसी कई ट्रेनें चल रही हैं।

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